By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
The 3rd Eye News > Blog > देश > रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम…
देश

रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम…

Last updated: 2024/01/22 at 10:43 AM
Share
6 Min Read
रायपुर : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं प्रभु श्रीराम…
SHARE

आलेख-ताराशंकर सिन्हा

अयोध्या में श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश में खुशी और उमंग का वातावरण है। प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में भी उत्सव और आनंद का माहौल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर इस ऐतिहासिक पल की यादों को संजोने के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में 22 जनवरी को रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

दरअसल प्रभु श्रीराम के वनवास काल की यादें आज भी छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में बिखरी हुई हैं। इन स्मृतियों को संजोने का काम किया जा रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि छत्तीसगढ़ की कण-कण में राम बसते हैं।

श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर छत्तीसगढ़ में जगह-जगह आयोजन हो रहे हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, मानस गान सहित मंदिरों में भण्डारे जैसे आयोजन किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के लोगों से 22 जनवरी को दीपोत्सव का आयोजन की अपील की है। छत्तीसगढ़ में माता शबरी की नगरी, शिवरीनारायण और माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में भव्य रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

पूरे मंदिर परिसर की आकर्षक सजावट की गई है। इस मौके पर दीपोत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर छत्तीसगढ़ के हर घर में अपार उत्साह और उमंग का माहौल है। लोग स्वस्फूर्त ढंग से अपने घरों की सजावट कर रहे हैं।

प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है। ऐसी मान्यता है कि त्रेतायुग में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था, संभवतः इसी आधार पर राम को कोशलाधीश कहा जाता है।

दक्षिण कोसल को ही श्रीराम का ननिहाल कहा जाता है। प्रभु श्रीराम ने वनवास काल का अधिकांश समय यहीं बिताया इसकी स्मृति चिन्ह भी अनेक स्थानों पर मौजूद हैं।

यह भी मान्यता है कि बलौदाबाजार के तुरतुरिया स्थित वाल्मीकि आश्रम में माता सीता ने पुत्र लव और कुश को जन्म दिया था। श्रीराम के पुत्र कुश की राजधानी श्रावस्ती (वर्तमान में सिरपुर, जिला महासमुन्द) में होने के प्रमाण विभिन्न ग्रंथों में मिलते हैं।

सिहावा क्षेत्र को सप्तऋषियों की तपोभूमि कहा जाता है। जनश्रुतियों के अनुसार सिहावा के प्राचीन मंदिर कर्णेश्वर मंदिर का संबंध त्रेतायुग से बताया जाता है।

पूरे देश में संभवतः छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है जहां लोग अपने भांजे के पैर छूकर प्रणाम करते हैं। कहा जाता है कि दक्षिण कोसल श्रीराम का ननिहाल होने के कारण उन्हें समूचे छत्तीसगढ़ का भांजा माना जाता है और यहां के लोग प्रभु श्री राम को श्रद्धा पूर्वक प्रणाम करते हैं। इसी कारण यहां के लोग अपने भांजे को श्रीराम का स्वरूप मानते हुए प्रणाम करते हैं और यह परिपाटी पूरे प्रदेश में है।

रामचरित मानस के बालकांड, किष्किंधा कांड और अरण्यक कांड में त्रेतायुग के ऋषि मुनियों को सताने वाले, उनके यज्ञ का ध्वंस करने वाले राक्षसों का वर्णन है। वनवास काल में ही इन्हीं राक्षसों का वध प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा किए जाने का उल्लेख है। तत्कालीन दंडक क्षेत्र वर्तमान में बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में सम्मिलित है।

वनवास के दौरान माता सीता का अपहरण किए जाने के पश्चात उनकी खोज में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण वन में यत्र तत्र भटकते रहे। इसी बीच उनकी भेंट शबरी माता से हुई, जिनके जूठे बेर प्रभु ने ग्रहण किए। शिवरीनारायण मंदिर (जिला जांजगीर) में स्थापित मंदिर में इसके अनेकों प्रमाण उपलब्ध हैं।

मंदिर प्रांगण में एक अतिप्राचीन बरगद का पेड़ है जिसके पत्ते आज भी दोना के आकार में मुड़े हुए हैं। ऐसी मान्यता है कि शबरी ने इसी पेड़ के पत्तों से दोना बनाकर प्रभु श्रीराम को जूठे बेर परोसे थे।

यहीं समीप के ग्राम खरौद में लक्ष्मणेश्वर मंदिर है जहां राम के अनुज लक्ष्मण ने शक्ति बाण के दुष्प्रभाव से मुक्त होने यहां स्थित प्राचीन शिवलिंग पर चावल के एक लाख साबूत दाने चढ़ाए थे। इसके बाद वे मेघनाथ के द्वारा चलाए गए शक्ति बाण के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो गए।

 सरगुजा की सीताबेंगरा की गुफा को विश्व की सबसे प्राचीनतम नाट्यशाला माना जाता है। इस गुफा का इतिहास प्रभु श्री राम के वनवासकाल से जुड़ा है।

कहा जाता है कि वे माता सीता और लक्ष्मण ने वनवास के समय उदयपुर ब्लॉक अंतर्गत रामगढ़ की पहाड़ी और जंगल में समय व्यतीत किया था।

रामगढ़ के जंगल में तीन कमरों वाली एक गुफा भी है जिसे सीताबेंगरा के नाम से जाना जाता है। सीताबेंगरा का शाब्दिक अर्थ है सीता माता का निजी कक्ष।

भरत मुनि के नाट्यशास्त्र में इस बात का उल्लेख मिलता है कि इस जगह पर विश्व की सबसे प्राचीनतम नाट्यशाला है, जहां पर उस समय लोग नाटकों का यहां मंचन किया करते थे।

यह भी मान्यता है कि त्रेता युग में प्रभु श्री राम का खल्लारी (वर्तमान में जिला महासमुन्द) आगमन हुआ था, इस स्थान को द्वापर युग में खलवाटिका नगरी के नाम से जाना जाता था। यह भी मान्यता है कि प्रभु श्रीराम जिस नाव से यहां आए थे, अब वो पत्थर में तब्दील हो चुका है, और वो वैसा का वैसा ही है।

You Might Also Like

ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

January 22, 2024 January 22, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article मेक्सिको में भी गूंजा जय श्री राम, रामलला हुए विराजमान; बना देश का पहला मंदिर… मेक्सिको में भी गूंजा जय श्री राम, रामलला हुए विराजमान; बना देश का पहला मंदिर…
Next Article राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर यूपी में कड़ाके की ठंड, इन राज्यों में भी शीतलहर अलर्ट… राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर यूपी में कड़ाके की ठंड, इन राज्यों में भी शीतलहर अलर्ट…
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा…..
बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
पीएम-किसान की 20वीं किस्त कल होगी जारी, छत्तीसगढ़ के 24.52 लाख किसानों को मिलेंगे 490.54 करोड़ रुपये…..
पीएम-किसान की 20वीं किस्त कल होगी जारी, छत्तीसगढ़ के 24.52 लाख किसानों को मिलेंगे 490.54 करोड़ रुपये…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
मोदी सरकार के 12 वर्ष- विकास, जनकल्याण और सुशासन की उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन….
मोदी सरकार के 12 वर्ष- विकास, जनकल्याण और सुशासन की उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता….
संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत सहायता….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

मध्यप्रदेश

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

MP Info RSS Feed

Click Here to Visit MP Info Site

Archives

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
« May    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?