By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: आंध्र प्रदेश के स्पेशल पैकेज पर भड़की तेलंगाना सरकार, विरोध में उतरे विपक्षी सांसद
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
The 3rd Eye News > Blog > राजनीती > आंध्र प्रदेश के स्पेशल पैकेज पर भड़की तेलंगाना सरकार, विरोध में उतरे विपक्षी सांसद
राजनीती

आंध्र प्रदेश के स्पेशल पैकेज पर भड़की तेलंगाना सरकार, विरोध में उतरे विपक्षी सांसद

Last updated: 2024/07/24 at 7:30 PM
Share
7 Min Read
आंध्र प्रदेश के स्पेशल पैकेज पर भड़की तेलंगाना सरकार, विरोध में उतरे विपक्षी सांसद
SHARE

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट को लेकर निराशा जताई और आरोप लगाया कि इसमें तेलंगाना के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 8 कांग्रेस सांसद इस बजट में तेलंगाना की अनदेखी को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे। सीएम ने कहा, हमारे 8 कांग्रेस सांसद निश्चित रूप से अन्य सांसदों के साथ अपना विरोध व्यक्त करेंगे। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम केवल आंध्र प्रदेश के लिए फंड देने के बारे में नहीं है, बल्कि तेलंगाना के बारे में भी है। विधानसभा में, हम प्रश्नकाल के बाद इस अन्याय पर चर्चा करेंगे। मैं 8 भाजपा सांसदों और एआईएमआईएम सांसदों से अनुरोध करता हूं कि वे 8 कांग्रेस सांसदों के विरोध कार्यक्रम में भाग लें। सभी को राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के लिए लड़ना चाहिए। विरोध प्रदर्शन में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन  के सांसद भी भाग ले सकते हैं। सीएम रेड्डी ने आंध्र प्रदेश को बजट में स्पेशल पैकेज दिए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि आंध्र के साथ तेलंगाना को भी विशेष आवंटन दिया जाना चाहिए था।
इससे पहले भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी.रामाराव ने भी केंद्रीय बजट को लेकर निराशा जताते हुए कहा कि इसमें तेलंगाना के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 48 लाख करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद केवल कुछ राज्यों को इसका लाभ मिला है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्तवर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया। नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के तीसरे कार्यकाल का यह पहला केंद्रीय बजट है।
तेलंगाना की 17 लोकसभा सीट में से आठ-आठ पर भाजपा एवं कांग्रेस की जीत का संदर्भ देते हुए रामाराव ने कहा कि लोगों को सोचना होगा कि जब वे दो राष्ट्रीय दलों को 16 सीट देते हैं तो क्या होता है। इस लोकसभा चुनाव में बीआरएस को तेलंगाना में एक भी सीट नहीं मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि पूरे बजट भाषण में तेलंगाना का उल्लेख तक नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के बेटे रामा राव ने कहा, ‘‘यहां तक ​​कि मौजूदा मुख्यमंत्री और तेलंगाना के मंत्रियों ने दिल्ली दौरे के दौरान कई अनुरोध किए थे जिन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। एक बार फिर, तेलंगाना को इस केंद्रीय बजट में कुछ भी नहीं मिला है।’’ रामाराव ने कहा कि तेलंगाना के लोगों को आंध्र प्रदेश और बिहार को आवंटित धनराशि पर गौर करना चाहिए जहां संसद की अधिक सीटें हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि तेलंगाना के विकास के लिए ‘‘अपनी राजनीतिक पहचान और ताकत’’ महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की जनता आठ सांसद होने के बावजूद कोई धन आवंटित नहीं करने का सबक भाजपा सरकार को सिखाएगी।
आंध्र प्रदेश के लिए विशेष श्रेणी के दर्जे की बढ़ती मांग के बीच, मंगलवार को केंद्रीय बजट में राज्य को उल्लेखनीय आवंटन देने का वादा किया गया, जिसमें राजधानी अमरावती के विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। आम बजट पेश होने से पहले, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रीय राजधानी का दो बार दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उनके समक्ष विभिन्न अनुरोध प्रस्तुत किए।आंध्र प्रदेश के लिए बजट में आवंटन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की तेलुगु देशम पार्टी और अभिनेता पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जनसेना के महत्वपूर्ण समर्थन पर निर्भरता को रेखांकित करता है। तेदेपा के पास 16 लोकसभा सीटें हैं वहीं जनसेना के पास दो सीटें हैं। अमरावती के लिए निर्धारित सहायता से राज्य में तेदेपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। इस सहायता से वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान पांच साल से रुकी हुई राजधानी परियोजना को गति मिलेगी।

Contents
बजट में वित्तीय सहायता और पिछड़े जिलों के पैकेज आदि शामिल क्या है आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम?

बजट में वित्तीय सहायता और पिछड़े जिलों के पैकेज आदि शामिल 


अमरावती के लिए 15,000 करोड़ रुपये के अलावा, बजट में अन्य वादे जैसे पोलावरम सिंचाई परियोजना के लिए वित्तीय सहायता और पिछड़े जिलों के पैकेज आदि शामिल हैं, जिनका जिक्र आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में किया गया है। नायडू ने विधानसभा में बहस के दौरान कहा, ‘‘आज केंद्र ने बजट में 15,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का वादा किया है। उम्मीद है कि फिर से अच्छे दिन आएंगे। अगर अमरावती का काम पूरा हो जाता, तो राज्य के पास 2 से 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति होती।’’उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि उसने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि वह पोलावरम परियोजना को ‘‘जितनी जल्दी हो सके’’, पूरा करेगी। बीस फरवरी, 2014 को राज्यसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शेष आंध्र प्रदेश राज्य को पांच साल के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा देने का वादा किया था। सिंह ने राज्य के लिए विशेष पैकेज संबंधी एक बयान में पोलावरम परियोजना के तहत सुचारू और पूर्ण पुनर्वास और पुनर्स्थापन की सुविधा देने का भी वादा किया था।

 

क्या है आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम?


आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 भारत की संसद द्वारा पारित एक कानून है, जिसके तहत आंध्र प्रदेश राज्य का विभाजन कर दो नए राज्यों, तेलंगाना और शेष आंध्र प्रदेश, का गठन किया गया था। यह अधिनियम 30 मई 2014 को प्रभाव में आया। इस अधिनियम के तहत विभाजन की प्रक्रिया और नई राज्य सीमाओं का निर्धारण किया गया। तेलंगाना राज्य का गठन 2 जून 2014 को हुआ और हैदराबाद को दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी के रूप में 10 वर्षों के लिए घोषित किया गया। इसके साथ ही, दोनों राज्यों के बीच संसाधनों, संपत्तियों, और कर्जों का बंटवारा किया गया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य था आंध्र प्रदेश राज्य के पुनर्गठन के माध्यम से तेलंगाना क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करना और विकास की गति को बढ़ाना।

You Might Also Like

बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा सियासी मोड़, प्रशांत किशोर जन सुराज के उम्मीदवार बने

तमिलनाडु में सियासी घमासान: TVK सरकार पर हॉर्स ट्रेडिंग के गंभीर आरोप

पीएम मोदी वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें

नवजोत कौर सिद्धू ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, अमरिंदर सिंह पर लगाए आरोप

महाकुंभ भगदड़ में आ रही षड्यंत्र की बू, जांच के बाद जिम्मेदार होंगे शर्मिंदा

July 24, 2024 July 24, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article भारत ही नहीं दुनिया के कई देश झेल रहे महंगाई की मार, अर्जेंटीना टॉप-10 में सबसे ऊपर भारत ही नहीं दुनिया के कई देश झेल रहे महंगाई की मार, अर्जेंटीना टॉप-10 में सबसे ऊपर
Next Article छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं के नतीजे घोषित छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं के नतीजे घोषित
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

कला के माध्यम से अभिव्यक्ति एक बड़ा हुनर- वनमंत्री केदार कश्यप……
कला के माध्यम से अभिव्यक्ति एक बड़ा हुनर- वनमंत्री केदार कश्यप……
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
तेन्दूपत्ता संग्रहण की नई पहल से अबुझमाड़ के 22 गांवों को मिला लाभ, गांव के पास खुला फड़, 365 संग्राहकों को मिला सीधा आर्थिक लाभ….
तेन्दूपत्ता संग्रहण की नई पहल से अबुझमाड़ के 22 गांवों को मिला लाभ, गांव के पास खुला फड़, 365 संग्राहकों को मिला सीधा आर्थिक लाभ….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
ब्रह्माकुमारीज़, अंबिकापुर में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल….
ब्रह्माकुमारीज़, अंबिकापुर में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर दुर्लभ पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू, वन विभाग की सतर्कता से बची संरक्षित वन्यप्राणी की जान….
वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर दुर्लभ पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू, वन विभाग की सतर्कता से बची संरक्षित वन्यप्राणी की जान….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

मध्यप्रदेश

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

MP Info RSS Feed

Click Here to Visit MP Info Site

Archives

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?