By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली तिहार आज, गेड़ी बिना अधूरी हैं रश्में
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
The 3rd Eye News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली तिहार आज, गेड़ी बिना अधूरी हैं रश्में
छत्तीसगढ़राज्य

छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली तिहार आज, गेड़ी बिना अधूरी हैं रश्में

Last updated: 2024/08/04 at 2:15 PM
Share
4 Min Read
छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली तिहार आज, गेड़ी बिना अधूरी हैं रश्में
SHARE

रायपुर.

हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। प्रदेश में इस त्यौहार का विशेष महत्व है। लोग त्यौहार को परंपरागत रूप से बड़े ही उत्साह के साथ मानते हैं। इस त्यौहार से ही प्रदेश में खेती-किसानी की शुरूआत होती है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग करने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है।

ये होती हैं रश्में
छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले ही गेड़ी घरों में बनना शुरू हो जाता है। त्यौहार के दिन सुबह से ही तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं। साथ ही खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को धोते हैं। इसके अलावा घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है।

रच-रच की ध्वनि ही गेड़ी का आनंद
हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी घरों गेड़ी का बनाया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है  जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसके साथ ही शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।

गेड़ी की पूजा भी की जाती है
हरेली के दिन बच्चे बांस से बनी गेड़ी का आनंद लेते हैं। पहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद होता है। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है।

You Might Also Like

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवीन विधानसभा परिसर में लगाया पौधा…..

लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही देखी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात….

विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0‘ अभियान के तहत हुआ वृहद पौधरोपण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा….

CG:नवपदस्थ एसपी त्रिलोक बंसल (IPS) ने कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से किये सौजन्य भेंट, कानून- व्यवस्था व समन्वय पर हुई चर्चा

August 4, 2024 August 4, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article जीजा से बात नहीं कराने पर छोटे ने बड़े भाई को चाकू मार दिया, घायल जीजा से बात नहीं कराने पर छोटे ने बड़े भाई को चाकू मार दिया, घायल
Next Article तीस हजारी कोर्ट से कोचिंग सह-मालिकों को लगा झटका तीस हजारी कोर्ट से कोचिंग सह-मालिकों को लगा झटका
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवीन विधानसभा परिसर में लगाया पौधा…..
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवीन विधानसभा परिसर में लगाया पौधा…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….
लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही देखी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात….
लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही देखी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0‘ अभियान के तहत हुआ वृहद पौधरोपण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा….
विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0‘ अभियान के तहत हुआ वृहद पौधरोपण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

मध्यप्रदेश

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

MP Info RSS Feed

Click Here to Visit MP Info Site

Archives

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
« Jun    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?