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बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

Last updated: 2025/09/11 at 5:22 PM
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12 Min Read
बस्तर की समृद्धि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिखेगी– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….
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रायपुर: हमारी नई औद्योगिक नीति के केंद्र में बस्तर है। खनिज संसाधनों और प्रचुर प्राकृतिक संपदा से भरा यह इलाका विकास की विपुल संभावनाएँ अपने भीतर समेटे हुए है। माओवाद बस्तर के विकास की राह में कांटे की तरह चुभ रहा था और नक्सलवादी आतंक ने बस्तर के विकास को जकड़ कर रखा था। हमने संकल्प लिया कि बस्तर को मुख्यधारा में लाएँगे और इसे विकसित छत्तीसगढ़ की केंद्रीय धुरी बनाएंगे। हमारे बहादुर जवानों और बस्तरवासियों ने साहस और दृढ़ संकल्प से माओवाद का मुकाबला किया और आज बस्तर माओवाद के काले इतिहास को मिटाकर निवेश का स्वर्णिम अध्याय लिखने की राह पर आगे बढ़ रहा है। मार्च 2026 तक माओवाद की बची-खुची निशानियाँ भी समाप्त हो जाएंगी और नक्सलमुक्त बस्तर और भी तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जापान के टोक्यो, ओसाका और दक्षिण कोरिया के सियोल के बाद इंवेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम की अगली श्रृंखला के लिए हमने बस्तर संभाग का चुनाव किया और हमें खुशी है कि इतनी जल्दी यह आयोजन हम कर सके। यह बुलेट ट्रेन की रफ्तार का दौर है और इस रफ्तार से कदमताल करते हुए विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करने हमने नई औद्योगिक नीति का निर्माण किया है। हमारी यह नीति यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिखाए गए सुशासन के परफार्म, रिफार्म और ट्रांसफार्म के मंत्र पर तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की बुनियाद तेजी से विकसित होते उद्योगों के आधार पर रखी जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए नई औद्योगिक नीति में राज्य में निवेश के लिए अनुदान प्रावधान और प्रोत्साहन रखे गए हैं तथा इज ऑफ डूइंग बिज़नेस और स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के संकल्प के अनुरूप साढ़े तीन सौ से अधिक रिफार्म किए गए हैं। हमने जापान और दक्षिण कोरिया के अलावा मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु तथा नवा रायपुर में भी इंवेस्टमेंट समिट किए हैं। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक हमारे पास लगभग 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ आईटी, एआई, फार्मा, टेक्सटाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्रीन एनर्जी से जुड़े माध्यमों पर विशेष अनुदान प्रावधान रखे गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकर्षक अनुदान प्रावधानों के साथ ही हम ऐसी अधोसंरचना भी उद्यमियों को दे रहे हैं ताकि सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रस्ताव स्वीकृत होते ही वे औद्योगिक क्षेत्र में अपना उद्यम लगा सकें। नवा रायपुर इसका उदाहरण है, जहाँ भारत का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क बनाया गया है। यहाँ फार्मास्युटिकल पार्क, मेडिसिटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी बनाए जा रहे हैं। अब बस्तर में औद्योगिक अधोसंरचना की स्थिति पर बात करें तो सभी जिलों और विकासखंडों में नये लघु औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है। जगदलपुर के ग्राम फ्रेजरपुर और गीदम रोड में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। नगरनार के निकट नियानार में 118 एकड़ क्षेत्र में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। कांकेर के ग्राम लखनपुरी, दंतेवाड़ा के टेकनार और नारायणपुर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। हमारी सरकार द्वारा सुकमा के साथ ग्राम पाकेला, फंदीगुड़ा, कोंडागांव के ग्राम अड़का-छेपड़ा और बीजापुर के ग्राम कोडोली में भी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व का सर्वाधिक लाभ बस्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला है। यहाँ से विशाखापट्टनम के लिए एक्सप्रेसवे गुजर रही है। रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग का कार्य हो रहा है और तेलंगाना से किरंदुल को जोड़ने वाली रेल रूट का सर्वे किया जा रहा है। उड़ान परियोजना से माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर को उन्नत बनाया गया है। बोधघाट परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू होगा। कनेक्टिविटी के इस दौर में आगे रहने के लिए बस्तर में नये मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। अधोसंरचना की इन बड़ी परियोजनाओं से बस्तर का औद्योगिक माहौल काफी उन्नत होगा।

उन्होंने कहा कि यूँ तो पूरे प्रदेश में नये निवेश पर अनुदान प्रावधान हैं लेकिन बस्तर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति में बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक ग्रुप-3 में चिन्हांकित किए गए हैं। यहाँ निवेश करने पर उद्यमियों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। हमारी सरकार समावेशी विकास पर काम करती है और प्राथमिकता यह है कि पीछे रह गए वर्गों को उद्यम के सबसे पहले अवसर मिलें। इसलिए एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है। उद्योगों की स्थापना के पीछे उद्देश्य केवल अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी है। इस रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश या 1,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान रखा गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्यमियों को पाँच वर्षों तक 40 प्रतिशत सैलरी सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी सीमा पाँच लाख रुपये सालाना होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर भारत का स्वर्ग है और इसे देखने बड़े पैमाने पर लोग आएँ, इसके लिए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। जो उद्यमी बस्तर में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करेंगे, उन्हें 45 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इससे होटल इंडस्ट्री, इको-टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर स्पोर्ट्स आदि क्षेत्रों में निवेश के स्वर्णिम अवसर बनेंगे। होम स्टे पर विशेष अनुदान से स्थानीय उद्यमशील लोगों को भी पर्यटन क्षेत्र में अवसर मिल रहे हैं। बस्तर में वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं और इनके प्रसंस्करण से जुड़ी यूनिट लगाने पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसी तरह एग्रो इंडस्ट्री पर भी विशेष फोकस है। सबसे खास बात यह है कि बस्तर में स्किल डेवलपमेंट पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है। कोर इंडस्ट्री और नये दौर के उद्योगों के अनुरूप बस्तर के सभी 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जा रहे हैं। बस्तर के युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, निश्चित ही उद्योगों को स्किल्ड मानव संसाधन की कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के उद्यमशील युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पूंजी, स्किल और काउंसलिंग दी जा रही है। इसके चलते नया उद्यमी वर्ग तेजी से उभर रहा है। बस्तर में पर्याप्त संसाधन हैं। उद्योग लगाने पर कच्चे माल की लागत कम होगी। पोर्ट सिटी से कनेक्टिविटी है, निर्यात में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि औद्योगिक नीति में जो विपुल प्रोत्साहन हैं उनका लाभ उठाने का यह स्वर्णिम अवसर है। बस्तर ने निवेश के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है और विकास के लिए टेकऑफ करने वाला है। आप सभी बस्तर की सफलता की इस उड़ान में शामिल हों। बस्तर में निवेश करें, यहाँ निवेश का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए आकर्षक और लाभकारी साबित हो रही है। अब तक 6.95 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अधिक से अधिक निवेश होने से यहाँ के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आईटी सेंटर सहित अन्य अधोसंरचना विकसित की गई है और उद्योगों को अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बीजापुर में पहली बार राइस मिल की स्थापना हो रही है। उन्होंने बताया कि जगरगुंडा की इमली मंडी, जो वर्षों से बंद थी, को फिर से चालू कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से राज्य की औद्योगिक नीति की सराहना दक्षिण कोरिया में भी हुई है, जिससे छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है।

कार्यक्रम में 34 उद्योगों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक नीति और बस्तर संभाग में उभरती संभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्धि के लिए पर्यटन और छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साल बीज और इमली जैसे उत्पादों की देशव्यापी आपूर्ति में बस्तर की प्रमुख भूमिका है, जिनका उपयोग कॉस्मेटिक उद्योग में किया जाता है।

उन्होंने बताया कि निवेशकों के लिए औद्योगिक माहौल को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। अब उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और साल में केवल एक बार परीक्षण होगा। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को ‘इंसेंटिव कैलकुलेटर’ से लाभ की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अब तक प्रदेश में 6.95 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

कार्यक्रम में विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष अनुदान की घोषणा की गई। यदि वे उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन, कृषि-बागवानी, इलेक्ट्रॉनिक और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में निवेश करने पर भी विशेष अनुदान और छह वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। स्थानीय लोगों को उद्योग स्थापित करने और रोजगार सृजन में प्राथमिकता दी जाएगी तथा शासन-प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।

इस अवसर पर एनएमडीसी द्वारा विशेष प्रस्तुतिकरण कर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और सामाजिक विकास में अपनी सहभागिता को प्रदर्शित किया गया।

बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में निवेशकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सुशासन तथा अभिसरण के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित थे।

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