By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का गणित, धान के साथ बढ़ेंगे आय के नए विकल्प….
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
The 3rd Eye News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ जनसंपर्क > नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का गणित, धान के साथ बढ़ेंगे आय के नए विकल्प….
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का गणित, धान के साथ बढ़ेंगे आय के नए विकल्प….

News Desk
Last updated: 2026/09/03 at 9:22 PM
News Desk
Share
5 Min Read
नदी किनारे के 152 गांवों में बदलेगा खेती का गणित, धान के साथ बढ़ेंगे आय के नए विकल्प….
SHARE

रायपुर: जिले में नदी तट से लगे गांवों में खेती को अधिक लाभदायक, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए फसल विविधीकरण की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत महानदी, पैरी, सोंढूर और खारून नदी किनारे स्थित 152 गांवों में भूमि की ऊंचाई, जलभराव, मिट्टी, जल निकासी और सिंचाई की उपलब्धता के आधार पर फसल प्रणाली विकसित की जाएगी। योजना से करीब 38 हजार किसान और 30,841.96 हेक्टेयर कृषि रकबा लाभान्वित होगा।

जिले में महानदी के किनारे 97, पैरी नदी के किनारे 18, सोंढूर के किनारे 23 तथा खारून नदी के किनारे 14 गांव चिन्हित किए गए हैं। सितंबर-अक्टूबर से फसल विविधीकरण अभियान प्रारंभ करने की कार्ययोजना है। किसानों की मांग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार नवंबर-दिसंबर में दलहन-तिलहन के बीज तथा औषधीय पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

धान के साथ बढ़ेंगे खेती के नए विकल्प

कार्ययोजना का उद्देश्य धान की खेती को समाप्त करना नहीं, बल्कि किसानों को एक ही फसल पर निर्भरता से बाहर निकालकर खेती को विविधीकृत करना है। अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में धान प्रमुख फसल रहेगी, जबकि कटाई के बाद भूमि की क्षमता के अनुरूप रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। अच्छी जल निकासी वाली भूमि में धान के बाद मक्का, मूंग-उड़द तथा ऊंची भूमि में दलहन-तिलहन, सब्जी, औषधीय फसल, फलदार पौधों और चारा आधारित मॉडल विकसित किए जाएंगे।

भूमि की स्थिति के अनुसार तीन जोन प्रस्तावित किए गए हैं। अति निम्न एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धान के साथ खस, बच और लेमन ग्रास जैसी औषधीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मध्यम ऊंचाई एवं मौसमी जलभराव वाले क्षेत्रों में धान के बाद कम अवधि की दलहन, तिलहन और सब्जियां ली जाएंगी। वहीं ऊंची एवं बेहतर जल निकासी वाली भूमि में औषधीय फसल, दलहन-तिलहन, सब्जी, फलदार पौधों तथा जैविक-प्राकृतिक खेती के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

5,458 हेक्टेयर में रबी फसलों का प्रस्तावित विस्तार

नदी किनारे के गांवों में रबी फसलों के लिए 5,458.90 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है। इसमें चना 3,244.10, गेहूं 662.80, सरसों 472.50, मक्का 243.90, उड़द 214.80, मूंग 178.70, मूंगफली 142.20, सूरजमुखी 39 तथा औषधीय फसल 110.60 हेक्टेयर सहित अन्य फसलें शामिल हैं।

जल संरक्षण के साथ खेती को मिलेगा आधार

फसल विविधीकरण के साथ जल संरक्षण पर भी विशेष जोर रहेगा। महानदी किनारे धमतरी एवं मगरलोड विकासखंड में 36 नालों की सफाई, 19 फार्म पॉण्ड, 17 सोकपिट तथा मगरलोड में 7 चेकडैम/एमआईटी सुधार के कार्य प्रस्तावित हैं। 75 नदी तटवर्ती गांवों में तटीय घास एवं पौधरोपण किया जाएगा। खेत से नाले और नाले से नदी तक पानी के अनियंत्रित बहाव को रोकने के लिए माइक्रो-वाटरशेड आधारित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा-किसान की आय और खेती की स्थिरता बढ़ाना लक्ष्य

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि नदी किनारे के क्षेत्रों में खेती की परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं। इसलिए स्थानीय भू-आकृति और पानी की उपलब्धता के अनुरूप गांववार माइक्रो-प्लान तैयार कर फसल चयन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि “फसल विविधीकरण का उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन के अनुरूप अधिक विकल्प उपलब्ध कराना, खेती के जोखिम को कम करना और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना है। जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा, फसल प्रदर्शन और किसान प्रशिक्षण को साथ लेकर ऐसी कृषि प्रणाली विकसित की जाएगी, जो वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों के लिए भी टिकाऊ हो।”

योजना के तहत प्रत्येक गांव में भूमि, ढाल, जलभराव, मिट्टी, नाला एवं भूजल की स्थिति का सर्वे कर माइक्रो-प्लान तैयार किया जाएगा। धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी में उड़द-मूंग, मूंगफली, रागी, सरसों, मक्का और चना जैसी फसलों के प्रदर्शन भी प्रस्तावित हैं। इससे किसानों को खेत में ही वैकल्पिक फसलों के उत्पादन और लाभ का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

You Might Also Like

कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं….

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रोत्साहन से रायगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, सोनम, शांति और मानसी ने भारतीय महिला लैक्रॉस टीम के साथ मलेशिया में जीता कांस्य पदक…..

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार……

अवैध खनन एवं परिवहन पर साय सरकार की सख्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई….

डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक: मंत्री रामविचार नेताम…..

News Desk September 3, 2026 September 3, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार…… सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार……
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार……
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जल-क्रांति, समृद्ध किसान – सशक्त को कर रहा है साकार……
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रोत्साहन से रायगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, सोनम, शांति और मानसी ने भारतीय महिला लैक्रॉस टीम के साथ मलेशिया में जीता कांस्य पदक…..
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रोत्साहन से रायगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, सोनम, शांति और मानसी ने भारतीय महिला लैक्रॉस टीम के साथ मलेशिया में जीता कांस्य पदक…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं….
कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
अवैध खनन एवं परिवहन पर साय सरकार की सख्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई….
अवैध खनन एवं परिवहन पर साय सरकार की सख्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

मध्यप्रदेश

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

MP Info RSS Feed

Click Here to Visit MP Info Site

Archives

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Aug    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?