By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं….
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

The 3rd Eye News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
The 3rd Eye News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ जनसंपर्क > राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं….
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं….

News Desk
Last updated: 2026/10/30 at 6:58 PM
News Desk
Share
9 Min Read
राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं….
SHARE

रायपुर: ’छत्तीसगढ़ की पावन धरा सदियों से त्याग, तपस्या, संघर्ष और स्वाभिमान की साक्षी रही है। यहां’ के घने जंगलों, पर्वतों और वनांचलों में स्वतंत्रता की ऐसी अनगिनत गाथाएं जन्मीं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी। इतिहास के पन्नों में अपेक्षित स्थान नहीं पा सके इन जनजातीय नायकों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान को अब एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में नवा रायपुर अटल नगर में निर्मित ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ देश में जनजातीय शौर्य, स्वाभिमान और आधुनिक डिजिटल तकनीक के अनूठे संगम के रूप में उभरा है। यह भव्य संग्रहालय केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन अमर बलिदानियों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह अवसर केवल एक संग्रहालय के लोकार्पण का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के संकल्प की सार्थक अभिव्यक्ति का था। लगभग 50 से 55 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक संग्रहालय जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली देश की विशिष्ट परियोजनाओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक योगदान को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। यह संग्रहालय उसी सोच का साकार स्वरूप है, जिसमें विकास के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और पुरखों के बलिदान को सहेजने का संकल्प निहित है। विशेष रूप से जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक धरोहर का निर्माण प्रदेश के जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को नई ऊंचाई प्रदान करता है।

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में सोनाखान के अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया, वह आज भी छत्तीसगढ़ की सामूहिक चेतना में जीवित है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनका संघर्ष केवल विद्रोह नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण था। इस संग्रहालय में वीर नारायण सिंह सहित उन असंख्य जनजातीय योद्धाओं की गाथाओं को जीवंत किया गया है, जिनका संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत आधारशिला बना।

राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं

जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में स्थापित इस संग्रहालय की भव्य दीर्घाएं इतिहास के उन अध्यायों से परिचित कराती हैं, जिन्हें जानना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। यहां लगभग 650 से अधिक जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से जनजातीय संघर्षों का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह और सोनाखान विद्रोह जैसी ऐतिहासिक घटनाएं दर्शकों को जनजातीय वीरता के उस दौर में ले जाती हैं, जब सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे पुरखों ने शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के लिए निर्मित विशेष दीर्घाएं स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के योगदान को और व्यापक रूप में प्रस्तुत करती हैं।

इस संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता इतिहास और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय है। अत्याधुनिक वीएफएक्स तकनीक, डिजिटल प्रोजेक्शन, दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतियों और जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से ऐतिहासिक घटनाओं को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शक स्वयं को उस कालखंड का साक्षी महसूस करते हैं। यहां इतिहास केवल पढ़ा या देखा नहीं जाता, बल्कि उसकी अनुभूति होती है। युद्धभूमि का वातावरण, वीर सेनानियों का संघर्ष, जनजातीय समाज की जीवनशैली और स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदान आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत हो उठते हैं।

डिजिटल सूचना प्रणाली इस संग्रहालय को विशेष पहचान प्रदान करती है। प्रत्येक दीर्घा में स्थापित डिजिटल बोर्ड, क्यूआर कोड और अन्य आधुनिक माध्यमों से आगंतुक संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हो जाती हैं। प्रशिक्षित गाइड भी दर्शकों को जनजातीय विद्रोहों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराते हैं। इस प्रकार यह संग्रहालय इतिहास, शोध, शिक्षा और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

आगंतुकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। संग्रहालय परिसर में स्वच्छ पेयजल, व्यवस्थित पार्किंग, सीसीटीवी सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा शिशुवती माताओं के लिए शिशु देखभाल कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से बच्चों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए संग्रहालय का भ्रमण सुविधाजनक और ज्ञानवर्धक बनता है।

लोकार्पण के बाद से ही इस ऐतिहासिक संग्रहालय के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में एक से दो हजार तथा अवकाश के दिनों में चार से पांच हजार तक दर्शक यहां पहुंच रहे हैं। शुभारंभ से अब तक तीन लाख से अधिक आगंतुकों का संग्रहालय का अवलोकन करना इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मुक्केबाज मैरीकॉम सहित विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सैन्य जवानों और विदेशी पर्यटकों ने भी यहां प्रदर्शित जनजातीय शौर्यगाथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की सराहना की है।

यह संग्रहालय केवल अतीत की स्मृतियों को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढि़यों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम भी है। विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि भारत की स्वतंत्रता केवल कुछ महानगरों या चुनिंदा आंदोलनों के संघर्ष का परिणाम नहीं थी, बल्कि दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले जनजातीय समाज ने भी इसके लिए असाधारण त्याग और बलिदान दिया था। यही कारण है कि यह स्मारक राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसके साथ ही संग्रहालय छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाओं को भी विस्तार दे रहा है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय रोजगार, पर्यटन सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। नवा रायपुर की पहचान अब आधुनिक प्रशासनिक राजधानी के साथ जनजातीय इतिहास और सांस्कृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित यह भव्य स्मारक इस बात का प्रमाण है कि अपनी ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही सांस्कृतिक संरक्षण की सार्थक दिशा है। जनजातीय कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के सतत मार्गदर्शन में साकार यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु बन गया है।

नवा रायपुर की धरती पर खड़ा यह भव्य डिजिटल स्मारक आने वाली सदियों तक जनजातीय स्वाभिमान की अमर ज्योति प्रज्वलित रखेगा। इसकी प्रत्येक दीर्घा, प्रत्येक मूर्ति और प्रत्येक ऐतिहासिक दृश्य मानो यही संदेश देता है कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल पराधीनता से मुक्ति नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अटूट संकल्प है।

छत्तीसगढ़ के वीर जनजातीय पुरखों ने अपने रक्त से स्वतंत्रता का जो इतिहास लिखा था, उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक ने नई अभिव्यक्ति दी है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि इतिहास का पुनर्जागरण, बलिदानियों का सम्मान और जनजातीय अस्मिता के गौरव का राष्ट्रीय उद्घोष है।

You Might Also Like

रायगढ़ के युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई…..

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये….

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन, राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं….

राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था….

राज्यपाल रमेन डेका ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया नमन….

News Desk October 30, 2026 October 30, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article ’चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश’….. ’चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश’…..
Next Article ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह होगी आसान,सपनों को मिलेगी नई उड़ान – मंत्री टंक राम वर्मा…. ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह होगी आसान,सपनों को मिलेगी नई उड़ान – मंत्री टंक राम वर्मा….
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

रायगढ़ के युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई…..
रायगढ़ के युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये….
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन, राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं….
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन, राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था….
राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

मध्यप्रदेश

संपादक -
मोबाइल -
ईमेल -

कार्यालय -

MP Info RSS Feed

Click Here to Visit MP Info Site

Archives

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30  
« Oct    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?